दक्षिणा में लिया था बेटियों की शिक्षा का संकल्प, इटली की मारा सांद्री 23 वर्षों से निभा रहीं वादा; पुष्कर में 601 बालिकाओं को मिली शिक्षण सामग्री
पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर की आस्था और सेवा की अनूठी मिसाल एक बार फिर देखने को मिली। वर्षों पहले इटली से पुष्कर आई विदेशी महिला मारा सांद्री ने पवित्र सरोवर पर पूजा-अर्चना के बाद तीर्थ पुरोहित ज्योति स्वरूप (दीपू महर्षि) को दक्षिणा अर्पित करनी चाही। उस समय दीपू महर्षि ने धन स्वीकार करने के बजाय उनसे पुष्कर क्षेत्र की गरीब एवं शिक्षा ग्रहण करने वाली बालिकाओं के भविष्य को संवारने का संकल्प मांगा। मारा सांद्री ने उसी दिन जो वादा किया, उसे आज भी हर वर्ष इटली से पुष्कर आकर फियो दी लोटो इंडिया संस्था के माध्यम से पूरी निष्ठा से निभा रही हैं।
इसी क्रम में मालियां मंदिर धर्मशाला में संस्था के 23वें शिक्षण सामग्री वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 601 जरूरतमंद बालिकाओं को शिक्षण सामग्री वितरित की गई, वहीं विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं की शिक्षा जारी रखने के लिए फीस के चेक भी प्रदान किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि उद्योगपति अशोक कालानी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर एस.के. आर्य, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शिव स्वरूप महर्षि, पूर्व चेयरमैन मंजू कुड़िया तथा लेफ्टिनेंट कर्नल अविनाश महाजन उपस्थित रहे। पंडित कैलाश नाथ दाधीच के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ तथा सभी अतिथियों का माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
संस्था अध्यक्ष दीपू महर्षि ने बताया कि 23 वर्षों से यह सेवा अभियान निरंतर जारी है। मारा सांद्री ने पुष्कर की बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गरीब बालिकाओं की शिक्षा से बढ़कर कोई दक्षिणा नहीं हो सकती और भविष्य में भी उनका यह संकल्प लगातार जारी रहेगा।

