नगरफोर्ट (अनीस भारतीय)। तहसील नगरफोर्ट सहित अंचल के गांवों में रक्षाबंधन का पावन पर्व शुक्रवार को परम्परागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घरों में बहनों ने थाली सजाकर भाइयों के माथे पर रोली-चावल का तिलक किया, आरती उतारी और कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार और नगद राशि देकर जीवन भर रक्षा करने का संकल्प लिया।आठ दिन पूर्व से ही नगरफोर्ट के मुख्य बाजार, बस स्टैंड, मिनी पुष्कर मांडकला और घाड़ रोड पर राखी के अस्थाई स्टॉल सज गए थे। बच्चों के लिए कार्टून वाली, लाइट वाली और भाइयों के लिए रुद्राक्ष, चंदन की राखियों की विशेष मांग रही।ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही बहनों का अपने पीहर की ओर आना-जाना लगा रहा। बसों और निजी वाहनों में भीड़ के कारण सड़कों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। कई परिवारों ने एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से त्यौहार मनाया। राजस्थान परिवहन निगम रोडवेज बस में महिलाओं को 2 दिन तक फ्री यात्रा होने के कारण बसों में भारी भीड़ देखी गई। *महंगाई की मार से फीका पड़ा उत्साह* हालांकि त्यौहार की रौनक के बीच महंगाई ने आम लोगों की जेब पर असर डाला। राखी के साथ भेंट की जाने वाली पूजन सामग्री में उपयोग होने वाले खोपरा-गोला, नारियल, सूखा मेवा, बताशा और शकरकंदी समेत अन्य वस्तुओं की कीमतें पिछले साल की तुलना में 40 से 80 प्रतिशत तक अधिक होने के कारण आम मध्यमवर्गीय परिवारों व गरीबों को राखी का त्यौहार मनाने में काफी किल्लत और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

