खेल, किसानी, विज्ञान, कला, समाजसेवा और प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कॉमेडियन ख्याली सहारण सहित 40 विभूतियों को मिला ‘राजीव गांधी गौरव अवॉर्ड’नई दिल्ली

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(महेन्द्र शर्मा) समरसता अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर से नई दिल्ली में सद्भावना दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खेल, किसानी, विज्ञान, कला, समाजसेवा और प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 40 महान विभूतियों को प्रशंसा पत्र एवं ‘राजीव गांधी गौरव अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में 25 देशों के झंडे लगाए गए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समरसता, भाईचारे और एकता के संदेश का प्रतीक बने।समरसता अंतरराष्ट्रीय मंच के मुख्य कुलदीप शर्मा (नेपाल) ने कहा कि दुनिया को लड़ाई-झगड़े और आपसी मतभेद छोड़कर एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। आपसी भाईचारे और सहयोग से ही समाज और देश निरंतर विकास की ओर बढ़ सकते हैं।श्री ए पी सिंह सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली ने कहा कि हिंदुस्तान की ऐसी महान विभूतियों का सम्मान करना गौरव की बात है, जिन्होंने देश के साथ-साथ विदेशों में भी भाईचारे और सद्भावना का संदेश पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के योगदान पर पूरे देश को गर्व है और इसी भावना के साथ प्रतिभाओं को ‘राजीव गांधी गौरव अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जा रहा है।कला के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश दे रहे कॉमेडियन ख्याली सहारणसम्मानित होने के बाद फिल्म आर्टिस्ट एवं लोकप्रिय कॉमेडियन ख्याली सहारण ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके करीब 60 लाख फॉलोअर्स हैं और उनका उद्देश्य अपनी कला एवं हास्य के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देना है।उन्होंने कहा, “हमारे वीडियो देश-विदेश में देखे जाते हैं। हमारे कुछ वीडियो लगभग 100 मिलियन लोगों तक पहुंचे हैं। हमारे वीडियो में समाज को जागरूक करने, एकता और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास रहता है।”ख्याली सहारण ने इस सम्मान के लिए समरसता अंतरराष्ट्रीय मंच का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्शकों के प्यार, समय और आशीर्वाद की वजह से आज उनके गांव 18 SPD, राजस्थान और उनके क्षेत्र का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने का भी सशक्त माध्यम है।समरसता और भाईचारे का संदेश बना आयोजन का केंद्रकार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में 40 विभूतियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है और अन्य लोग भी समाजसेवा, भाईचारे तथा सामाजिक समरसता के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।25 देशों की सहभागिता और विभिन्न क्षेत्रों की 40 प्रतिभाओं का सम्मान इस आयोजन को एकता, सद्भावना और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला कार्यक्रम बन गया।

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