
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में रचनात्मकता का संगम, तीन दिवसीय आयोजन का भव्य समापन
किशनगढ़/राहुल कुमार वर्मा
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृति एवं मीडिया अध्ययन विभाग की ओर से विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में फोटोग्राफी प्रदर्शनी, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, फोटो कैप्शन लेखन, फोटो स्टोरी लेखन प्रतियोगिता और फोटोग्राफी कार्यशाला आयोजित की गई।
आयोजन में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने कैंपस जीवन, प्राकृतिक वातावरण, वास्तुकला, स्ट्रीट लाइफ, पोर्ट्रेट, पशु-पक्षी तथा वनस्पति एवं जीव-जगत से जुड़ी तस्वीरों को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी का विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने अवलोकन कर तस्वीरों की विविधता और रचनात्मकता की सराहना की।
रघु राय को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता के प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए उनके चुनिंदा छायाचित्रों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया।
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के समग्र विकास और व्यापक दृष्टिकोण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं सामाजिक विज्ञान स्कूल के अधिष्ठाता प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करते हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. प्रांत प्रतिक पटनायक ने कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीर लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और जीवन को देखने और समझने का माध्यम भी है।
प्रतियोगिताओं में विजेताओं ने बनाई पहचान
फोटो कैप्शन प्रतियोगिता: प्रथम रीना कोंदागुरला, द्वितीय अनु रावत और तृतीय शांता सिंह।
फोटो स्टोरी प्रतियोगिता: प्रथम अंशु लक्सकर, द्वितीय दीपक और तृतीय प्रियंका।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता: प्रथम अभिजीत पी, द्वितीय राहुल कटारिया और तृतीय नरेश।
कार्यक्रम के आयोजन में कैमरापर्सन शुभम सिंह, वीडियो एडिटर रवि सैनी सहित विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. निकोलस लकड़ा, डॉ. नीरू प्रसाद, डॉ. अनूप कुमार, जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल सहित संकाय सदस्य एवं विश्वविद्यालय कर्मी मौजूद रहे।
तीन दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फोटोग्राफी के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति और कहानी कहने की कला को मंच प्रदान किया।

