
बुजुर्गों की पक्की सड़क देखने के लिए पथरा रही आंखें
79 साल बाद भी कच्चे रास्ते के सहारे ग्रामीण, बरसात में गांव बन जाता है टापू
*राजस्थान रणकौशल हाड़ोती*
नैनवां / बाबूलाल शर्मा/
उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत माणी क्षेत्र के कनकपुरा गांव के ग्रामीण लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन आजादी के 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीणों को आज भी जोखिम भरे कच्चे रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है तथा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील होने से गांव का संपर्क लगभग कट जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने वाला मार्ग बारिश के दिनों में पूरी तरह खराब हो जाता है। जगह-जगह कीचड़ और पानी भरने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए गांव से बाहर जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बारिश में रास्ता बन जाता है दलदल
ग्रामीणों ने बताया कि सामान्य दिनों में भी कच्चे रास्ते से आवागमन परेशानी भरा रहता है, लेकिन बारिश के दिनों में यह मार्ग दलदल में बदल जाता है। कई बार ग्रामीणों और विद्यार्थियों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है।
पूर्व में बनी थी सड़क निर्माण पर सहमति
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में विधायक द्वारा सड़क निर्माण को लेकर सहमति बनी थी। इससे ग्रामीणों में गांव तक पक्की सड़क बनने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बाद में यह सहमति भी निरस्त हो गई। इसके बाद ग्रामीणों में निराशा के साथ-साथ प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने लगाई जल्द सड़क निर्माण की गुहार
ग्रामीण भवानी शंकर योगी, सोराज नाथ, ऋषिराज जोगी, प्रकाश चंद मीणा, गिरराज बैरवा, पूर्व वार्ड पंच प्रेमबाई, रामचंद्र बैरवा, भगीरथ मीणा, राजेश बैरवा, रामसहाय बैरवा सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द पक्की सड़क निर्माण करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि आखिर बुजुर्गों को अपने गांव में पक्की सड़क देखने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा, ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से समस्या का स्थायी समाधान करते हुए शीघ्र सड़क निर्माण करवाने की मांग की है।
